मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में लंबी शिकायतों का निपटारा विभाग समय सीमा में करें अन्यथा पेनल्टी के लिए तैयार रहें

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रतलाम / समय सीमा पत्रों की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सोमवार को संपन्न हुई कलेक्टर श्री नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी द्वारा बैठक में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में लंबित शिकायतों की समीक्षा करते हुए सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने विभाग की लंबीत शिकायतों का निपटारा समय सीमा में अनिवार्य रूप से करें अन्यथा एक निर्धारित टाइम लाइन निर्धारित कर प्रति शिकायत 1000 रूपए पेनल्टी के लिए तैयार रहें। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्रीमती जमुना भिडे, अपर कलेक्टर डॉ. शालिनी श्रीवास्तव आदि उपस्थित थे।

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बताया गया कि सीएम हेल्पलाइन में पीएचई, ऊर्जा, नगर निगम, पंचायत सामाजिक न्याय, वित्त विभागों की ज्यादा शिकायतें लंबित है। राजस्व विभाग की शिकायतों के संबंध में कलेक्टर ने सभी नायब तहसीलदार और तहसीलदारों को चेतावनी दी कि शिकायतों का निपटारा नहीं किया तो वेतन कटेगा डीपीसी को भी घटिया कार्य करने पर नाराजगी व्यक्त की गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा भी मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में खराब कार्य किया जा रहा है। कलेक्टर ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि अपने अधीनस्थ खंड चिकित्सा अधिकारियों पर नियंत्रण रखकर शिकायतों का निराकरण कराएं।

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बैठक में कलेक्टर द्वारा मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना की प्रगति की समीक्षा की गई जिसमें नगर निगम की प्रगति अत्यंत खराब पाई गई पाया गया कि रतलाम शहर में अभी 11,000 पंजीयन ऑनलाइन किया जाना बाकी है। निगम द्वारा अभी मात्र 45 प्रतिशत कार्य ही किया गया है । समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन की भी समीक्षा कलेक्टर ने की। बताया गया कि 53400 मेट्रिक टन गेहूं उपार्जन अभी तक किया गया है। कलेक्टर ने खरीदी केंद्रों पर समस्त व्यवस्थाएं पुख्ता रखने और कोई भी शिकायत नहीं आने के लिए ताकीद की।

कलेक्टर ने बैठक में बैंकों की जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आयोजन के संबंध में चर्चा करते हुए जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक द्वारा शेड्यूल तैयार नहीं करने पर सख्त नाराजगी व्यक्त की। जिले के जनजाति कार्य विभाग में कर्मचारियों को वेतन नहीं मिलने की शिकायतें प्राप्त होने पर कलेक्टर द्वारा सहायक आयुक्त श्रीमती पारुल जैन को सख्ती से निर्देशित किया गया कि जिन कर्मचारियों को सैलरी नहीं मिली है उनको सैलरी दिलाने के लिए कार्रवाई की जाए। जानकारी दी गई कि बजट नहीं है। कलेक्टर ने कहा कि भोपाल से बजट लेकर सैलरी वितरण का कार्य किया जाए, तब तक विभागीय अधिकारियों का वेतन आहरण नहीं किया जाए।

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